देवास। कन्नौद विकासखंड क्षेत्र में किसानों द्वारा खरीदे गए बायोकलोर खरपतवारनाशक के प्रयोग के बाद ग्राम पीपल्दा,मथनी, काटकूट , गुड़बेल  आदि में सोयाबीन की फसल के सूख जाने की घटना सामने आने के बाद। कृषि विभाग द्वारा कलेक्टर   ऋतुराज सिंह  के निर्देशानुसार कीटनाशक अधिनियम 1968 की धाराओं एवं भारतीय दंड संहिता की धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के अंतर्गत  HPM केमिकल एंड फर्टिलाइजर नई दिल्ली कंपनी मालिक  एवं अन्य 6 व्यक्ति के विरुद्ध  कन्नौद थाने में एफआईआर  कराई गई है।
      किसानों ने HPM केमिकल एंड फर्टिलाइजर नई दिल्ली द्वारा निर्मित बायोकलोर खरपतवार नासि का उपयोग अपनी फसल पर किया था। प्रयोग के कुछ ही दिनों बाद बड़ी संख्या में खेतों में सोयाबीन की फसल पीली पड़कर सूखने लगी। इसकी शिकायत किसानों ने  कृषि विभाग कन्नौद में दर्ज कराई।
जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि खरपतवार नाशक बायोकलोर  का  किसानों को इसकी सही जानकारी नहीं दी गई थी। यह कार्यवाही कीटनाशक अधिनियम 1968 की  एवं किसानों के साथ धोखाधड़ी करने पर भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (2) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत की गई है। कृषि विभाग द्वारा सभी किसानों से अपील की  है कि वे प्रमाणित एवं पंजीकृत कीटनाशकों  दुकानदारों से ही क्रय करें एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का ही उपयोग करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।